Description of the Book:
 

लेखकीय चिंतन मनन करना जीवन का अभिन्न अंग है। हम आए दिन किसी भी विषय पर चिंतन मनन करते हैं। उसी चिंतन मनन को ध्यान में रखते हुए मैंने अपनी पुस्तक का नाम "नव्य मनन" रखा है। "नव्य मनन" यानी नया चिंतन मनन। जब हम कुछ नया सोचते हैं ,विचार करते हैं तब हम आगे बढ़ते हैं। परिवर्तन संसार का नियम है। हमें नियमानुसार चलना चाहिए और नई सोच और अच्छी सोच पर ध्यान देना चाहिए। मेरी इस पुस्तक में पद्य और गद्य दोनों का संग्रह है। हर एक रचना कोई ना कोई सीख देती है। यह सीख हमें आगे बढ़ने के साथ ही अच्छा कुछ करने की प्रेरणा देती है। सकारात्मक और नकारात्मक दोनों विचारों का मिश्रण आपको इस पुस्तक में देखने को मिलेगी। इस पुस्तक की भाषा स्पष्ट और सरल है ताकि पाठक को समझने में आसानी हो और मेरी दिल की आवाज से उठी मेरी कलम की लेख पाठक के मन में उतर जाए। - मुस्कान वर्मा'स्नेहा'

नव्य मनन

₹50.00Price
  • Author Name: मुस्कान वर्मा'स्नेहा'
    About the Author: 
    कवियत्री परिचय नाम- मुस्कान वर्मा उपनाम- स्नेहा जन्म- 3 अप्रैल 1998 पिता का नाम- श्री राजेश कुमार वर्मा माता का नाम- श्रीमती पूनम वर्मा पढाई- बीकॉम ग्रेजुएशन (वर्तमान-एलएलबी छात्रा) स्थान- डिब्रूगढ़ असम से हूं अभिरुचि- कविताएं लिखना साथ ही लेख लिखना, गाना गाना, कविता का पाठ करना, पढ़ना और पढ़ाना। साहित्यिक सफर- 2014 से लेखन- समाज की गलत सोच को दूर करना और सकारात्मकता फैलाना ‌। कई अखबारों और विभिन्न पत्रिकाओं में स्थान मिलता ही रहा है।