Description of the Book:
 

यह किताब लेखिका की प्रथम प्रकाशित रचनाओं का संग्रह प्रस्तुत है। इसमें उनके दिल से निकले वह शब्द पिरोए गए हैं। जो हम सोचते हैं, महसूस करते हैं, मगर शायद बयान नहीं कर पाते।
'चुप्पी की चींख' तथा 'मेरी प्यारी' कृतियां हैं जो व्यक्ति के दिल में बैठा दर्द, निराशा, घृणा तथा बेबसी को दर्शाती हैं। तो 'वक्त' हमारे अंदर के अकेलेपन को साझा करता है।
ऐसे ही, 'बावरा सा मन' आपको अपना बचपना याद करवा देगी तो 'सुरखाब के पर' से अपने सपनों को पंख लगाने की आशा से व्याकुल कर दे। इसी आशा के साथ प्रस्तुत है, मेरे शब्दों की नक्काशी...

नक्काशी - मेरे शब्दों की

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  • Author Name: Nehal Baveja
    About the Author: Nehal likes to write about those feelings that are unable to stay inside her mind anymore. She is a student of English Literature at Lady Shri Ram College For Women, University of Delhi.
    Book ISBN: 9780823966295