Description of the Book:
 

जो कहा नही जा सकता उसे लिख कर बयाँ किया जाना चाहिए,
कई बार हमारे आप के साथ ऐसा होता है कि मन के भीतर बहुत कुछ चल रहा होता है, जिसे बस कहना ज़रूरी है, ख़याली पुलाव, किस्से कहानी, उतार चढ़ाव, अनुभव और तमाम कुछ इन्ही में से कुछ यहाँ इस क़िताब में बयाँ किया जा रहा है।।

तुम्हारे लिए

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  • Author Name: Vivek Yadav
    About the Author: नौका जबतलक साहिल पर न आये कोशिशें निररतर होती रहनी चाहिए।। कई दफ़े ऐसा होता है जो आप कहना चाहते है वो कह नही पाते हैं उसी के तहत मामला हुआ लिखने कर बयाँ करने का। वैसे तो विवेक फ़िल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री का बतौर कास्टिंग डायरेक्टर, एक्टर और डायरेक्शन में काम कर रहे हैं, कुछ यादगार फिल्में इनके छोटे से झोले में समाहित है जैसे कि आर्टिकल15, थप्पड़, मुल्क, शादी में ज़रूर आना, ये रिश्ता क्या कहताला है, और भाई क्या चल रहा है, ग़ुमराह आदि...। मीडिया इंडस्ट्री में काम करने से पहले विवेक ने रिटेल सेक्टर वॉलमार्ट इंडिया और फ्यूचर ग्रुप का भी अनुभव अपने पास रखा है।। इसी जीवन यात्रा में कुछ खास लोग मिले, वक्त बीता और फिर दूर हुए, आस पास की घटनाओं और कुछ किस्से कहानियों ने जन्म लिया, नतीजन हाथ ने कलाम और कागज़ उठाया शुरवात हुई लिखने की, यहाँ "तुम्हारे लिए" में चंद एहसास आप के सामने है..!!! 
    Book ISBN: 9789394136984