Description of the Book:
 

यह किताब 'एहसास' एक नज़रिया है, ज़िंदगी को कुछ अलग तरह से देखने का, ज़िंदगी में ख़ुशी और ग़म के आपसी रिश्ते को समझने का। यह किताब अपने अंदर हर उस हाल का ज़िक्र रखती है, जिससे हर इंसान कभी न कभी तो होकर गुज़रता ही है। यह किताब इस बारे में है कि किस तरह से कोई शख़्स अपने बुरे हालातों से भी मोहब्बत कर सकता है, और वो भी बेहद शिद्दत के साथ। यह किताब अपने आप में एक ज़रिया जो कि आपको उस मक़ाम तक ले जाएगा जहां से आप अपनी ज़िंदगी को एक बिल्कुल ही अलग नज़रिए से देख पाएंगे। आपको अपने मुश्किल हालात आसन लगने लगेंगे। आप जान पाएंगे कि किस तरह से इन मुश्किल हालातों से भी इश्क़ किया जा सकता है। यह किताब बताती है कि ज़रूरी नहीं कि हम अपनी ज़िंदगी में कुछ अच्छा होने पर ही ख़ुश हों, बल्कि हमें अपनी ज़िंदगी के हर हाल में ख़ुश रहना आना चाहिए, उसे अपनाना चाहिए, और एक हौसले के साथ उन बुरे हालातों से भी लड़ कर आसानी से आगे बढ़ा जा सकता है। मैं अगर चंद लफ़्ज़ों में कहूं तो ये किताब 'उदास तबीअ'त के इश्क़' पर लिखी गई है।

एहसास

₹50.00Price
  • Author Name: खुश 
    About the Author:  यह किताब 'एहसास' लेखक खुश पाटनेचा द्वारा लिखी गई है। वैसे तो ये अभी विद्यार्थी हैं और अपनी पढ़ाई कर रहे हैं मगर इन्हें काफ़ी सालों से लिखने का बेहद शौक रहा है। ये हमेशा ऐसी बातें लिखते हैं जिनको पढ़ कर हर कोई अपनी ज़िंदगी से जोड़ सकता है। इनकी लिखाई में इनकी ज़िंदगी की झलक साफ़ नज़र आती है। इनके लिखने का तरीक़ा सबसे अलग है, ये कुछ इस तरह से लिखते हैं कि सब कुछ बयां कर के भी सर-ए-आम कुछ नहीं होने देते। इनकी क़लम में इख़्फ़ा-ए-हाल की एक बेहद ख़ास ख़ूबी है। यानी कि इनकी क़लम अपना हर हाल बयां कर के भी बहुत कुछ छुपा लेती है। पिछले कुछ सालों में इनकी तहरीर पर उर्दू का बहुत ज़्यादा असर रहा है। इनका मानना है कि उर्दू एक बेहद ख़ूबसूरत ज़ुबान है, और ये एक आम सी चीज़ को भी बहुत ख़ास बना सकती है। इनकी लिखाई बेहद गहरी रही है। इनको पढ़ कर लगता है कि जैसे किसी ऐसी अंधेरी ग़ार में चल दिए हो कि आगे जिसका कोई इख़्तिताम ही नहीं है।