Description of the Book:

क्या मकसद रहा है इस किताब को लिखने का? खैर मकसद तो नहीं पर प्रेरणा जरूर रही है, कभी एहसास बन के और कभी आवाज बन के | और मन ने सोचा क्यों ना हमारी इस प्रेरणा को आप से भी रूबरू करा दिया जाए | अक्सर मन हजार बाते सोचता है, पर उनमे से कुछ ही ऐसी बाते होती है जो एक लम्हा बन के जिंदगी से उमर भर का रिश्ता करा देती है | और इस किताब में कुछ ऐसी ही मेरी रचनाये है जो मन की बाते कह रही है। और मैं आशा यही करता हूं की ये आपके मन तक जरूर पहुंचेगी। मैंने ये रचनाये टुकडो में बनानी शुरू की थी। जब जब दिल से दिल का रिश्ता बना या फिर जब जब दिल ने दर्द सहा, तब तब दिल की ये बाते पंक्तिया बन उभर आयी | कहते है ईश्वर से सच्चाआशिक़ और कोई नहीं, इसलिए हमने ईश्वर से भी प्रेम सीखा और उन्ही का एक प्रसंग रच दिया, वो आप पढियेगा जरूर। आशा करता हु की आप अब इन पन्नों में लिखी भावनाओं को समझेंगे एवं महसूस करेंगे और मेरी इस पहली किताब को अपना प्यार देंगे | || धन्यवाद ||

|| आत्म-मंथन || : Where Soul speaks to the Heart...

₹50.00Price
  • Author's Name: Gaurav Jindal
    About the Author: गौरव जिंदल का जन्म हिमाचल की खूबसूरत वादियो में हुआ और अब ये गोवा में समुद्र की लहरों के पास रेहते है। गौरव का व्यवहार अपनी राशि कुम्भ के प्रति काफ़ी अनुकूल है जैसे रचनात्मक एवं मानवीय दिशा पूर्ण है। अभी गौरव एक IT Company में काम करते है। पर इनके मन में कविताओं को लिखने और समझने की इच्छा हमेशा से रही है। Lockdown के दौरान इनकी ये रुचि और प्रबल हुई और ऐसे ही इन्होने कुछ शायरियां और कुछ कविताएं हिंदी और अंग्रेजी में रचने का प्रयास किया। गौरव अपनी लेखनी के माध्यम से पढ़ने वालों के दिल तक पहुंचना चाहते हैं और उनसे जुड़ना चाहते हैं।
    Book ISBN: 9781005961817